नियमितकरण कर पेंशन सुविधा का लाभ दिया जाए
मप्र कार्यभारित स्थाई कर्मी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
बैतूल। मप्र कार्यभारित दैवेभो स्थाईकर्मी महासंघ ने जिले के प्रभारी मंत्री कमलेश्वर पटेल के बैतूल प्रवास के दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में जिला अध्यक्ष कृष्णा बाड़बूदे ने बताया कि संघ की प्रमुख मांगें स्थाई कर्मीयों को विधानसभा चुनावी वचन पत्र के अनुसार नियमित कर 7वें वेतनमान का लाभ देने, जिस पद या श्रेणी में को बिना शर्त विनियमित के स्थान पर नियमित कर पेंशन, स्थाईकर्मियों, वन सुरक्षा श्रमिकों, अंशकालीन कर्मचारियों की विभागवार वरीयता सूची जारी की जाए, वन चोरों एवं वन्य प्राणियों से हमला होने पर मुफ्त चिकित्सा व मुआवजा राशि दी जाए, कुशल श्रेणी के स्थाई कर्मी की आयु सीमा 62 वर्ष करने,अनुकंपा नियुक्ती, अंशकालीन वाटरमैन, स्वच्छकारों को पूर्णकालीन कर स्थाईकर्मी घोषित करने, नगरीय निकायों में 2007 के पश्चात नियुक्त दैवेभो को स्थाईकर्मी का वेतन देने, वन विभाग में 10-15 वर्षो से कार्यरत वन सुरक्षा समिति चौकीदार को न्यूनतम वेतन 10 हजार देने, अप्रैल 1999 में दैवेभो वाहन चालक विजय सोनी के मृत्यु उपरांत उनके पुत्र संजय सोनी को अभी तक शासन द्वारा ग्रेच्युटी राशि, अनुकंपा नहीं दी गई है, स्थाईकर्मियों को अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए है। श्री बाड़बुदे ने वन अधिकारियों पर प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए बताया कि कुशल स्थाईकर्मी को अकुशल का वेतन दिया जा रहा है। वन वृत्त में अलग-अलग वन मंडलों में एक ही वरीयता के कर्मचारी को अलग-अलग वेतन देकर आर्थिक भेदभाव किया जा रहा है और विनियमित करने के बाद मानसिक दबाव में कार्य करवाया जा रहा है। वन सुरक्षा चौकीदारों को 5-5 माह तक वेतन नहीं दिया जा रहा है साथ ही वरिष्ट को कार्यमुक्त कर कनिष्ठ को रखा जा रहा है। ज्ञापन में उक्त समस्याओं के शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई है। इस अवसर पर जिले के दूरस्थ अंचलों से सैंकड़ों  कार्यभारित दैवेभो, वन सुरक्षा कर्मीयों, अल्प वेतनभोगी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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