नन्ही बच्चियों ने पूरे किए रोजे सामाजिक सौहाद्र्र की मिशाल पेश की बैतूल। मुस्लिम समाज के पवित्र माह रमजान तपिश और उमस भरी गर्मी में रोजा रख कर अल्लाह की इबादत की। जिसमें सुबह से लेकर शाम सूरज डूबने तक कोई भी मुस्लिम खाना-पीना छोड़ देते है। जिससे उनकी दुआएं कुबूल हो। रमजान के माह में अल्लाह हर एक नेकी के बदले कई नेकियों का सवाब अता फरमाते है और रोजा सभी पर फर्ज है। रमजान का रोजा बड़ों के साथ-साथ मासूम बच्चे भी रख रहे है। ऐसे ही भीम सेना संगठन मंत्री अलीमुद्दीन की बेटी 8 वर्ष की अल्फिजा फातिमा और 12 वर्ष की अल्फिया फातिमा ने भी पूरे रोजे मुकम्मल किए। इनके रोजे रखे जाने पर ईष्ट मित्रों और परिजनों ने बधाई दी। पेश की भाईचारे की मिशाल वर्तमान में जात-पात के नाम पर कुछ अप्रिय घटनाएं सामने आ रहीं हैं। जिसके कारण त्योहारों के रंग फीके पड़ रहें हैं। ऐसे में मासूम बच्चियों के पूरे रोजे रखे जाने पर और नवरात्र के पहले दिन अनिल नारायण यादव लाडो फाउंडेशन के संस्थापक अनिल नारायण यादव, गोलू खडिय़ा और बबलु खान ने बच्चियों के पैर छु कर व फूलों से सम्मान किया। इस मौके पर अनिल न...