जबरन वर्दी थोपी तो सिविल ड्रेस में करेंगे शासकीय कार्य

मप्र ग्राम रक्षक कोटवार चौकीदार संघ ने सौंपा ज्ञापन



बैतूल। मप्र ग्राम रक्षक कोटवार चौकीदार संघ ने जिला प्रशासन को कोटवारों की वर्दी एवं अन्य सामग्री की निर्धारित राशि को कोटवारों के खाते में सीधे ई भुगतान से हस्तांतरित जमा करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में संघ के जिला अध्यक्ष रामदास गुजरे ने बताया कि उन्हें शासन द्वारा बिना फिटिंग की वर्दी दी गई, तो वे उसे लेने से इनकार कर देंगे। प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली वर्दी में कपड़े की गुणवत्ता खराब होती है और फिटिंग भी गलत रहती है, जिससे पहनने में दिक्कत आती है। जिला उपाध्यक्ष घनश्याम बारसे कहा कि यदि वह गलत साइज और खराब कपड़े की वर्दी पहनेंगे, तो इससे प्रशासन की छवि भी प्रभावित होगी। सचिव लोकेश पाटिल और कोषाध्यक्ष कमल जावलकर ने कहा कि मप्र के कई जिलों जैसे बालाघाट, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना और सागर में वर्दी की राशि खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है, लेकिन बैतूल में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जबरदस्ती सिलाई की गई वर्दी देने की कोशिश करेगा, तो सभी कोटवार इसका बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। कन्हैया बान्से व गणेश कजोड़े ने बताया कि संघ ने इससे पूर्व में भी 21 फरवरी 2025 अपर कलेक्टर को ज्ञापन देकर बैंक खातों में राशि डालने की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे किसी भी सरकारी कार्य में सिविल ड्रेस में ही शामिल होंगे। इस अवसर पर देवीदास मन्होरे, लाल सिंह, गणेश चौकीकर, शकुन बाई, ममता गोहे सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। 

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