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Showing posts from April, 2020
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गंगा जयंती पर कर्मवीरों को गंगाजल मिश्रित छाछ की वितरित सत्साहित्य भी वितरित किया बैतूल। श्री योग वेदांत सेवा समिति,युवा सेवा संघ व भारत जागृति मोर्चा बैतूल के तत्वावधान में गंगा जयंती के पावन अवसर पर कोरोना के खिलाफ लड़ रहे कर्मवीरों पुलिसकर्मियों,डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मियों व पत्रकारों को गंगाजल मिश्रित शीतल छाछ का वितरण किया गया साथ ही उन्हें संत श्री आशारामजी बापू का सत्साहित्य भी वितरित किया गया। श्री योग वेदांत सेवा समिति युवा सेवा संघ बैतूल के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। जिसमें कड़ी धूप में अपनी निरंतर सेवाओं व कोरोना को खत्म करने के दृढ संकल्प के साथ जुटे कर्मवीरों पुलिसकर्मियों का चौराहों पर डॉक्टरों का शासकीय चिकित्सालय में व सफाई कर्मियों का नगरपालिका में आज गंगा जयंती पर श्री योग वेदांत सेवा समिति,युवा सेवा संघ व भारत जागृति मोर्चा द्वारा शीतल छाछ व सत्साहित्य वितरित कर सम्मान किया गया। समिति द्वारा अक्षय तृतीया पर दो सौ जरूरतमंदों परिवारों को राशन सामग्री भी वितरित की गई थी। श्री मदान ने कहा कि इन्ही कर्मवीरों की निरंतर से...
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एक दिवाना था ......... स्टे्रट ड्राईव बाय सपन दुबे चौबीस घंटे के भीतर सीनेप्रेमियों को बड़ा झटका लगा, जब समाचार आया की ऋषि कपूर नहीं रहे। इत्तफाक ही है कि ऋषि कपूर के निधन का कारण भी इरफान खान की तरह कैंसर ही बना। ऋषि कपूर का फिल्मी जीवन दो भागों में विभाजित था जिसके पहले भाग में वो लवर बॉय की तरह ही काम करते रहे या यों कहें की वो इसी में टाईप्ड हो गए थे, रोमेंटिक इमेज होना ही उनका बल था और उनकी कमजोरी भी। उनके रोमेंटिक दौर का अंदाजा फकत इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होने दिव्या भारती जैसी अपने से बेहद कम उम्र की नायिका के साथ भी काम किया और दर्शकों ने उसको स्वीकार किया। अधिकत्तर लोग उस समय उनको लवर बॉय के रूप में ही देखते रहे परन्तु ऋषि कपूर का कॉमिक सेंस भी अव्वल दर्जे का था जिसे ज्यादा नोटिस नहीं किया गया। अमर अकबर एंथोनी, कुली, नसीब जैसी फिल्में उनके कॉमिक सेंस का बेहतरीन उदाहरण रहीं है। जयप्रकाश चौकसे ने एक बार लिखा था कि  ऋषि कपूर एकमात्र सितारा है, जो राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, जीतेन्द्र और धर्मेन्द्र के दौर में सबसे अधिक सफल नायक रहे। ऋ षि अपनी लंबी यात्रा में कहा...
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जरूरतमंद 100 परिवारों को राजपूत समाज एक माह से दे रहा राशन राजपूत समाज ने किया राशन वितरित बैतूल। राजपूत समाज साख सहकारी संस्था जिला बैतूल के कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के जरूरतमंद लोगों को जो अति गरीबी रेखा में आते हैं ऐसे तो 100 परिवारों को एक माह का राशन प्रदान किया जा रहा है। संस्था के वीरेंद्र सिंह चौहान ने जसपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि राजपूत समाज कोरोना कि इस महामारी में अपना छोटा सा सहयोग प्रदान कर रहा है संस्था का यही उद्देश्य है कि कोई भी असहाय व्यक्ति भूखा ना रह आओ सब मिलकर इस महामारी को हराये है घर में रहे स्वस्थ रहे। दिनेश सिंह चौहान व कृपाल सिंह सिसोदिया ने सभी सामाजिक संगठनों से आव्हान किया की वे आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करें। राशन वितरण में शिवपाल सिंह राठौड़, पृथ्वी सिंह चौहान, दीपक राजपूत, डॉ.राजेन्द्र सिंह ठाकुर, धनराज सिंह चौहान, नितिन मिश्रा, सुनील अग्रवाल, गुलाब सेलकरी, रामा परिसे का सरानीय योगदान रहा। महेंद्र सिंह पटेल व अरुण कुमार सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा यह अभियान सत्त चलता रहेगा। 
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अभी काम ना आए तो कब काम आएंगे एनएसएस स्वयंसेवीका ने सेनेटाईसर किए वितरित बैतूल। अभी देश बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को इसी दिन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता था। आज भी हम देश के काम नहीं आए तो कब आएंगे। यह बात एनएसएस की वरिष्ट स्वयंसेविका दिपाली पांडे ने जेएच कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा  प्रचार्य डॉ.विजीता चौबे एवं जिला संगठक डॉ.सुखदेव डोंगरे, कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा चौरे, डॉ.जीपी साहू के मार्गदर्शन में बीयू भोपाल के दिशा निर्देशों के तहत जाकिर हुसैन वार्ड में जरुरतमंदो को किया सेनेटाईसर वितरण के दौरान कही। स्वयंसेवक संजय उइके व सतीष सलामें ने कहा कि हमारे द्वारा सेनेटाईजऱ और मास्क घर पर ही तैयार करने की विधि भी बताई जा रही है। अंजलि सोनरे व रिया घिन्डोड़े ने बताया कि कोविड 19 के प्रति जागरूकता अभियान चलाते हुए सावधानियां बरतने और जरूरत न हो तो घर में रहने की सलाह भी दी जा रही है। दुर्गेश कुमरे ने बताया कि यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। 
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अभिनय की ऊंचाईयों को इरफान ने पुन: परिभाषित किया स्ट्रेट ड्राईव बाय सपन दुबे बैतूल। इरफान खान बहुत ही कम उम्र में इस दुनिया से रूखसत हो गए वे कैंसर से पीडि़त थे। चिकित्सा विज्ञान ने तथाकथित रूप से बहुत प्रगति की है लेकिन कैंसर, एडस जैसी कई बीमारियां आज भी लाईलाज हैं। यह बताने के लिए काफी है कि नीचे का निजाम आज भी उपर वाला ही चलाता है। इरफान खान के निधन पर आज फिर एक बार टीस उभर कर सामने आई की सन् 2012 में रिलीज उनकी फिल्म पान सिंह तोमर को ऑस्कर के लिए भारत से क्यों नहीं भेजा गया था। इरफान की भद्रता थी की उन्होने इस संबंध में कभी कोई बयान नहीं दिया परन्तु पान सिंह तोमर को ऑस्कर के लिए नहीं भेजना भारतीय ज्युरी की रचनात्मक क्षमता पर एतिहासिक प्रश्न चिन्ह हमेशा लगाती रहेगी। बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो नृत्य, सुंदर चेहरे, सुडौल शरीर, एक्शन, नेपोटिज़म के बिना शीर्ष मुकाम हासिल कर सकें इरफान उन्ही में से एक थे। इरफान ने हमेशा आंखों से अभिनय किया उन्हें शर्ट उतारने जैसे फूहड़ तरीकों की जरूरत कभी नहीं पड़ी। जयपुर में जन्में क्रिकेट के शौकीन इरफान ने आर्थिक अभाव के कारण क्रिकेट को त्याग...
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अक्षय तृतीया पर समाजसेवी संस्थाओं ने जरूरतमंदों को वितरित की राशन सामग्री सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों का भी साहित्य भेंट कर सम्मान किया बैतूल। पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है जिसके कारण संपूर्ण देश में लॉकडाउन लागू है। ऐसी स्थिति में मजदूर वर्ग अपने कार्य पर भी नही जा पा रहे है जिससे उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय होती जा रही है। साथ ही कुछ लोग ऐसे भी है जिनके लिए दो वक्त के भोजन की व्यवस्था भी बमुश्किल होती जा रही है। इन्ही बातों को ध्यान रखते हुए श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ, भारत जागृति मोर्चा व धर्म रक्षा दल के संयुक्त तत्वावधान में शहर के अर्जुन नगर खंजनपुर में जरूरतमंदों को आटा, दाल, चावल, तेल आदि दैनिक जरूरत की वस्तुओं का वितरण किया गया। श्री योग वेदांत सेवा समिति व युवा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि लॉक डाउन के कारण मजदूरों व जरूरतमंदों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने हेतु कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसे देखते हुए हमारी संस्थाओं द्वारा उन्हें अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर राशन सामग्री वितरित की गई...
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मुस्लिम समाज के वरिष्टों ने की अपील  रमजान की नमाज घरों में अदा करें, गरीबों को ज्यादा से ज्यादा जकात दें बैतूल। अध्यक्ष गंज मस्जिद कमेटी सैयद आशिक अली और टिम्बर व्यवसायी अब्दुल रहमान ने बताया कि वर्तमान में हमारा देश बहुत विषम स्थति से गुजर रहा हैं। कोरोना वायरस संक्रमण फैला हुआ है जिसके कारण कारण प्रमुख स्थल एतिहात के तौर पर बंद कर दिए गए हैं। व्यवसायी सिद्दीक पटेल और मो.युसुफ ने कहा कि रमजान का मुबारक महिना शुरू हो रहा है। हम सभी मुस्लिम भाईयों को घरों में रहकर रोजा रखकर जुमा तरावीह सहित सभी नमाजों को घर में ही अदा कर ज्यादा से ज्यादा जकात गरीबों तक पहुंचाना है। उन्होने कहा कि देश के सभी दिनी उल्माओं ने भी देश हित में घरों में रहकर रमजान की नमाजे अदा करने का एलान किया है। मेमन जमात अध्यक्ष तौसिफ आकबानी व सैय्यद रिजवान अली ने कहा कि हम मुस्लिम भाईयों को कोरोना माहमारी से लडऩे के लिए भारत शासन, राज्य शासन और स्थानीय शासन के निर्देशों का पालन करना है। सलमान पटेल ने कहा कि कोई भी मुस्लिम भाई मस्जिद की तरफ जाने या मस्जिद में नमाज पढऩे की कोशिश नहीं करे और खुदा से दुआ करें की हम...
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वे क्लब के सदस्य आरोग्य एप करवा रहे डाउनलोड  बैतूल। नेहरू युवा केन्द्र बैतूल से सम्बध के मार्गदशन में वे क्लब बैतूल के द्वारा प्रधानमंत्री के आव्हान स्वयं आरोग्य एप डाउन लोड कर दूसरों को भी इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। वे क्लब की अध्यक्ष कविता मालवीया ने बताया कि क्लब के सदस्यों के द्वारा परिजनों, दोस्तों पड़ोसियों को एप डाउनलोड करवा रहें हैं। अमरदीप भालेकर ने बताया कि कोरोना के प्रति जागरूकता बड़ाने के उद्देश्य से बने इस एप की आवश्यकता और महत्ता से सभी को परिचत करवाया जा रहा है। रूपा राठौर ने बताया कि यह एप क्लब ना सिर्फ युवाओं बल्कि बुजुर्गो को भी डाउनलोड करवाया जा रहा है। इस अभियान में रूपा राठौर, दुर्गेश साहू, कीर्ति साहू, पूनम वरवड़े, राकेश मन्नासे आदि का सरहानीय योगदान रहा
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कोरोना की जंग में जिले की पहली महिला स्टेशन मास्टर प्राची भी मुस्तैद कोरोना वॉरियर बैतूल। लॉक डाउन के कारण अधिकांश कार्य बंद हैं और सुरक्षा कारणों से लोग घरों में ही हैं। परन्तु  आवश्यक सेवाओं से जुड़े  कर्मचारी संभावित खतरों के बावजूद भी राष्ट्र हित में  अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। ऐसे ही कोरोना वॉरियर में से एक हैं आमला स्टेशन पर पदस्थ स्टेशन मास्टर कु.प्राची आनंद। प्राची को बैतूल जिले में पहली महिला स्टेशन मास्टर होने  का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि लाक डाउन के कारण यात्री गाड़ीयों के रद्द होने के कारण बहुत से रेल कर्मचारीयों की घर पर रहकर उपस्थित दर्ज हो रही है तो वहीं रेल कर्मचारीयों की एक बड़ी टीम रात दिन मालगाड़ीयों के सुचारू संचालन में जुटी हुई है, जिससे आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति  निर्बाध रूप से चलती रहे।  कु.प्राची भी गाड़ी संचालन से जुड़ी अपनी जिम्मेदार को बखूबी अंजाम दे रही हैं । स्वास्थ्य खराब होने पर कुछ दिन अवकाश पर रहीं एवं  स्वस्थ होते ही  तुरंत  कार्य पर उपस्थित हो गई । प्राची कहती हैं  ...
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पेंटिंग के माध्यम से बताया कि  कोरोना से जंग जीतने के लिए इसकी चैन तोडऩा पड़ेगा बैतूल। कोरोना संक्रमण से पुलिस, डॉक्टर्स और प्रशासन मुस्तैदी के साथ लड़ रहा है। ऐसे में युवा चित्रकार श्रेणिक जैन अपनी पेंटिंग के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया और इनके प्रति आभार व्यक्त कर रहें हैं। श्री जैने ने बताया कि पेंटिंग को उद्देश्य है कि जो दिन रात हमारी सेवा में तत्पर है साथ ही लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि डॉक्टर्स, पुलिस और प्रशासन हमारे लिए जो सराहनीय योगदान दे रहें है उनका हौसलाअफजाई करना है। श्री जैन ने कहा कि हमारा भी फर्ज है कि नियमों का पालन करें और घर पर रहें एवं सुरक्षित रहें।  श्रेणिक जैन ने पेंटिंग में बताया कि कोरोना वायरस हमरे बीच माचिस की तीली और आग जैसा रिश्ता है जिस तरह एक माचिस की तीली आग के संपर्क में आने से तुरंत जलने लगती है और बाकी सभी तीलियों को भी जला देती है जो उसके संपर्क में आती है। उसी प्रकार हम भी कोरोना वायरस के संपर्क में आते ही संक्रमित हो जाते हैं और तमाम लोगों को भी संक्रमित कर बैठते हैं। जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। इस समस्या से निपटने ...
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कैकेयी का संताप स्ट्रेट ड्राईव बाय सपन दुबे कैकेयी को रामायण का सबसे नकारात्मक किरदार माना जाता है। सामान्यतौर पर यही धारणा विद्यमान है की कैकेयी की वजह से ही भगवान राम को 14 वर्षों का वनवास झेलना पड़ा और साथ ही जिस राजपाठ के वे अधिकारी थे उसे भी उन्हें खोना पड़ा। जिसके लिए कैकेयी को तमाम लानतें भी दी जाती हैं, और महाराज दशरथ की मृत्यु का भी दोषी माना जाता है। रामचरित मानस में कैकेयी को ‘पापिन’, ‘कलंकिनी’ जैसे तमाम वाक्यों से संबोधित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इंडोनेशियाई कावी, मलेशियाई,बर्मा, जापानी, नेपाल,थाईलैंड,तुर्किस्तान,मंगोलियाई भाषा, फारसी, फिलीपींस, चीन, अरबी सहित 22 से अधिक भाषाओं में रामायण लिखी गई है। कैकेयी के पात्र को लेकर विभिन्न भाषाओं की रामायणों में अलग-अलग चित्रण किया गया है। कैकेयी की मां का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। तब उनकी देखभाल मंथरा नामक दासी द्वारा की गई और अपने कुटिल स्वभाव के कारण वह जल्द ही कैकेयी का मन-मस्तिष्क समझने में सफल रही। एक विषय प्रचलन में हैं कि जब राजकुमार राम को राजा बनाने की योजना बन रही थी, ठीक उसी समय देवताओं में भारी चिंता उ...
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जरूरतमंदों के लिए आगे आया साहू (बाथरी) श्रीबाथरी समाज  दीनदयाल रसोई में दिया अनाज व राशन का दान बैतूल। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉक डाउन के चलते आज गरीब व्यक्ति को भोजन की मुश्किल आ रही है। ऐसे में केसरबाग में संचालित दीनदयाल अन्त्योदय रसोई योजना से कई जरूरतमंद गरीब लाभांवित हो रहें हैं। रसोई संचालन में कई समाजसेवी संस्थाएं आगे आ रही हैं। जिसमें साहू (बाथरी) श्रीबाथरी समाज बैतूल द्वारा अनाज भेंट किया गया। इस संबंध में साहू विष्णु सरवैया ने बताया कि समाज द्वारा दीनदयाल रसोई में 100 किलो गेंहू आटा, 100 किलो चावल, 30 किलो तुअर दाल, 1 टीन तेल,1 किलो पिसी मिर्च, 500 ग्राम हल्दी, 5 पैकेट नमक भेंट की गई। इस पुनीत कार्य में अशोक भैयालाल साहू, टेकचंद साहू , टंटू साहू, कैलाश साहू, प्रकाश साहू , राकेश गोकुल साहू , मोहन मुरारी साहू, मनोज साहू, नरेश लहरपुरे, सुदामा लहरपुरे, ललित आज़ाद , जसवन्त लोखंडे, गोपाल साहू सेवाराम साहू का सराहनीय योगदान रहा। 
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जिला अस्पताल को सेनेटाईज मशीन की भेंट  युवाओं ने जुगाड़ टेक्नोलॉजी से तैयार की मशीन बैतूल। बैतूल गंज के युवा समाजसेवी कुशकुंज अरोरा और जपजोत सिंह साहनी द्वारा जिला अस्पताल को बॉडी सेनेटाईज मशीन भेंट की है। मशीन को डॉ.राहुल श्रीवास्तव और डॉ.पांडे के मार्गदर्शन में उसकी गुणवत्ता परखने के बाद अस्पताल के चिहिन्त स्थान ट्रामा सेंटर के द्वार पर लगाया गया। इस संबंध में कुशकुंज अरोरा ने बताया कि मशीन की खासियत है कि यह पैडल से संचालित हो सकेगी जिसमें व्यक्ति को सेनेटाईज होने के लिए इसे शुरू करने के लिए हाथों का स्पर्श नहीं करना पड़ेगा। जिससे संक्रमण का खतरा शून्य हो जाएगा। जपजोत सिंह साहनी ने बताया कि यह मशीन उनके, कुशकुंज व दीपक आम्बेकर द्वारा निर्मित की गई है और जिसकी लागत लगभग मात्र 6 हजार 5 सौ रूपए आई है। मशीन में दो नोजल है जो अपर और लोअर बॉडी को सेनेटाईज करेंगे यह मशीन मात्र 5 सैंकेड में व्यक्ति को सेनेटाईज कर देती है। श्री अरोरा ने बताया कि जिले में किसी और स्थान से ऐसी मशीन की मांग की जाती है तो वे सेवा देने को तैयार हैं। इस मशीन की लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।...
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रामायण की उपेक्षित पात्र, उर्मीला स्टे्रट ड्राईव बास सपन दुबे   रामायण में कुछ पात्रों बेहद महत्वपूर्ण होकर उपेक्षित, अनदेखे पात्र थे जो गौण रह गए। इसका सबसे श्रेष्ठ उदाहरण लक्ष्मण की पत्नी उर्मीला थी। उर्मीला की व्यथा को सबसे बेहतर तरीके से मैथिलीशरण गुप्त ने महाकाव्य साकेत के माध्यम से समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। यह कविता रामकथा पर आधारित है, यद्यपि साकेत में राम, लक्ष्मण और सीता के वन गमन का मार्मिक चित्रण है, किन्तु महाकाव्य का केन्द्र उर्मिला है। लगभग सभी लेखकों द्वारा रामायण में, इनका सिर्फ सांकेतिक वर्णन ही किया गया है। लेकिन इस रचना में उर्मिला के विरह का जो चित्रण श्री गुप्त ने प्रस्तुत किया है, वह अत्यधिक मार्मिक और गहरी मानवीय संवेदनाओं और भावनाओं से ओत-प्रोत है। राम के साथ सीता तो वन चली जाती हैं, परन्तु उर्मिला पति लक्ष्मण की शपथ के कारण उनके साथ वन नहीं जा पाती है। तभी वह अपने मन-मंदिर में अपने पति की प्रतिमा स्थापित करके उर्मिला विरह की अग्नि में जलते हुए खुद आरती की ज्योति बन गईं। आंखों में अपने प्रिय की मूर्ति बसाकर सभी मोह-माया को त्याग कर उर्मीला का जी...
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..........तो ऐसे बना रामायण धारावाहिक  33 वर्ष बाद पुन: रामायण धारावाहिक के पुन: प्रसारण ने टीआरपी के सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। आज भी इस धारावाहिक को उतनी ही शिद्दत के साथ देखा जा रहा है। रामायण धारावाहिक उस समय एकदम सुगमता से नहीं बना उसमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस विषय में स्व.रामानंद सागर के बेटे व रामायण धारावाहिक के सहायक निर्देशक रहे प्रेम सागर ने अपने पिता के जीवन संघर्ष के बारे में बताया और उन्होंने पिता पर लिखी किताब एन एपिक लाइक ऑफ रामानंद सागर फ्रर्म बरसात टू रामायण की भी जानकारी दी। रामानंद सागर पर उक्त किताब उनके पोते शिव सागर ने रिसर्च के पश्चात लिखी है। प्रेम सागर ने बताया कि रामानंद सागर की सबसे पहली फिल्म बरसात थी। किसी ने नहीं सोचा था कि एक आदमी जिसने चपरासी का काम किया, सडक़ पर साबुन बेचे, जर्नलिस्ट बने और मुनीम का काम किया। वो आदमी एक दिन रामायण बना सकता है। बात 1976 की बात है रामानंद अपने चार बेटों सुभाष, मोती, प्रेम और आनंद के साथ स्विट्जरलैंड में थे। ‘चरस’ फिल्म की शूटिंग चल रही थी शाम हुई काम निपटा तो रामानंद बेटों के साथ एक कैफे ...