कोरोना की जंग में जिले की पहली महिला स्टेशन मास्टर प्राची भी मुस्तैद
कोरोना वॉरियर
बैतूल। लॉक डाउन के कारण अधिकांश कार्य बंद हैं और सुरक्षा कारणों से लोग घरों में ही हैं। परन्तु आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी संभावित खतरों के बावजूद भी राष्ट्र हित में अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। ऐसे ही कोरोना वॉरियर में से एक हैं आमला स्टेशन पर पदस्थ स्टेशन मास्टर कु.प्राची आनंद। प्राची को बैतूल जिले में पहली महिला स्टेशन मास्टर होने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि लाक डाउन के कारण यात्री गाड़ीयों के रद्द होने के कारण बहुत से रेल कर्मचारीयों की घर पर रहकर उपस्थित दर्ज हो रही है तो वहीं रेल कर्मचारीयों की एक बड़ी टीम रात दिन मालगाड़ीयों के सुचारू संचालन में जुटी हुई है, जिससे आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे। कु.प्राची भी गाड़ी संचालन से जुड़ी अपनी जिम्मेदार को बखूबी अंजाम दे रही हैं । स्वास्थ्य खराब होने पर कुछ दिन अवकाश पर रहीं एवं स्वस्थ होते ही तुरंत कार्य पर उपस्थित हो गई । प्राची कहती हैं कि इन हालातों में काम करते हुए देश सेवा का अवसर मिलना मेरा सौभाग्य है। भूगोल से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने के बाद प्राची ने पूरी मेहनत के साथ वर्ष 2018 में रेलवे में भर्ती होने के अपने सपने को साकार किया । स्टेशन मैनेजर वीके पालीवाल ने अपने अधीनस्थ कार्य कर रही स्टेशन मास्टर प्राची के विषय में बताया कि प्राची आमला स्टेशन पर विगत आठ माह से कार्यरत हैं । रेल कर्मचारी हर परिस्थिति में सदैव ही पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारीयों का निर्वाह करते हैं, परन्तु वर्तमान परिस्थितियों एवं जवाबदेही के अहसास ने उनका जज्बा और उत्साह दोगुना कर दिया है । श्री पालीवाल ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक सोमेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में संपूर्ण तकनीकी विभाग रेल संसाधनों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित कर रहे हैं वहीं पूरा फ्रंट लाइन स्टाफ स्टेशन मास्टर्स, लोको पायलट, गार्ड, टीएनसी, शंटिग मास्टर, पाइंट्समैन इत्यादि कर्मचारी माल गाड़ीयों के सुचारू संचालन में जुटे हैं । स्टेशन मास्टर कु. प्राची की अपनी जिम्मेदारीयों के प्रति जागरूकता अत्यंत प्रशंसनीय है । सामान्य तौर पर कोरोना संकट में महिला कर्मचारीयों को कार्यमुक्त रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, परन्तु कु. प्राची इस संकट के समय रेलवे एवं राष्ट्र सेवा करने के मिले सौभाग्य से खुद को अलग ना रखने का निवेदन कर अपने फर्ज का निर्वाह कर रही हैं । हम सभी को उन पर गर्व है ।
कोरोना वॉरियर
बैतूल। लॉक डाउन के कारण अधिकांश कार्य बंद हैं और सुरक्षा कारणों से लोग घरों में ही हैं। परन्तु आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी संभावित खतरों के बावजूद भी राष्ट्र हित में अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। ऐसे ही कोरोना वॉरियर में से एक हैं आमला स्टेशन पर पदस्थ स्टेशन मास्टर कु.प्राची आनंद। प्राची को बैतूल जिले में पहली महिला स्टेशन मास्टर होने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि लाक डाउन के कारण यात्री गाड़ीयों के रद्द होने के कारण बहुत से रेल कर्मचारीयों की घर पर रहकर उपस्थित दर्ज हो रही है तो वहीं रेल कर्मचारीयों की एक बड़ी टीम रात दिन मालगाड़ीयों के सुचारू संचालन में जुटी हुई है, जिससे आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे। कु.प्राची भी गाड़ी संचालन से जुड़ी अपनी जिम्मेदार को बखूबी अंजाम दे रही हैं । स्वास्थ्य खराब होने पर कुछ दिन अवकाश पर रहीं एवं स्वस्थ होते ही तुरंत कार्य पर उपस्थित हो गई । प्राची कहती हैं कि इन हालातों में काम करते हुए देश सेवा का अवसर मिलना मेरा सौभाग्य है। भूगोल से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने के बाद प्राची ने पूरी मेहनत के साथ वर्ष 2018 में रेलवे में भर्ती होने के अपने सपने को साकार किया । स्टेशन मैनेजर वीके पालीवाल ने अपने अधीनस्थ कार्य कर रही स्टेशन मास्टर प्राची के विषय में बताया कि प्राची आमला स्टेशन पर विगत आठ माह से कार्यरत हैं । रेल कर्मचारी हर परिस्थिति में सदैव ही पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारीयों का निर्वाह करते हैं, परन्तु वर्तमान परिस्थितियों एवं जवाबदेही के अहसास ने उनका जज्बा और उत्साह दोगुना कर दिया है । श्री पालीवाल ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक सोमेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में संपूर्ण तकनीकी विभाग रेल संसाधनों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित कर रहे हैं वहीं पूरा फ्रंट लाइन स्टाफ स्टेशन मास्टर्स, लोको पायलट, गार्ड, टीएनसी, शंटिग मास्टर, पाइंट्समैन इत्यादि कर्मचारी माल गाड़ीयों के सुचारू संचालन में जुटे हैं । स्टेशन मास्टर कु. प्राची की अपनी जिम्मेदारीयों के प्रति जागरूकता अत्यंत प्रशंसनीय है । सामान्य तौर पर कोरोना संकट में महिला कर्मचारीयों को कार्यमुक्त रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, परन्तु कु. प्राची इस संकट के समय रेलवे एवं राष्ट्र सेवा करने के मिले सौभाग्य से खुद को अलग ना रखने का निवेदन कर अपने फर्ज का निर्वाह कर रही हैं । हम सभी को उन पर गर्व है ।

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