प्ले स्कूल की तर्ज पर, बाल शिक्षा केन्द्र सावंगा का हुआ शुभारंभ
बैतूल। सावंगा में बुधवार को पूर्व विधायक विनोद डा
गा द्वारा फीता काटकर और बच्चों को बैग, टिफिन, बॉटल आदि वितरित कर बाल शिक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस मौके पर महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बाबूलाल बिश्नोई ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक अनोखी पहल के तहत मप्र के 313 विकासखंड के 313 आंगनवाड़ी केन्द्रों को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में चयनित कर प्री स्कूल शिक्षा के लिए तैयार किया गया। प्रत्येक चयनित आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्ले स्कूल एवं प्राईवेट प्ले स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई और बच्चों के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। श्री बिश्नोई ने बताया कि
भारत सरकार ने 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं देखभाल (ईसीसीई) नीति 2013 बनाई है जिसके अंतर्गत 3-6 वष के बच्चों को निर्धारित पाठ्यक्रम अनुसार गुणवत्ता पूर्ण शाला पूर्व अचौपचारिक शिक्षा का प्रावधान किया गया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती नीरजा शर्मा ने बताया कि बाल शिक्षा केन्द्र पर अब झूले, फिसल पट्टी, रंगमंच, पेंटिंग, यूनिफार्म, बैग, टिफिन, आई कार्ड, कुर्सी, बॉटल आदि की व्यवस्था कराई गई है जिसमें अब प्रतिदिन 4 घंटे बच्चों को अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएगी व इसका मूल्यांकन किया जाएगा। 3-4, 4-5 व 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए अलग-अलग वर्क बुक एवं शिशु विकास कार्ड और निर्धारित पाठ्यक्रम तैयार किए गए है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सांवगा के सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधि, विभाग के पदाधिकारी जिसमें ईसीसीई समन्वयक, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीण मौजूद थे।
बैतूल। सावंगा में बुधवार को पूर्व विधायक विनोद डा
गा द्वारा फीता काटकर और बच्चों को बैग, टिफिन, बॉटल आदि वितरित कर बाल शिक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस मौके पर महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बाबूलाल बिश्नोई ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक अनोखी पहल के तहत मप्र के 313 विकासखंड के 313 आंगनवाड़ी केन्द्रों को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में चयनित कर प्री स्कूल शिक्षा के लिए तैयार किया गया। प्रत्येक चयनित आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्ले स्कूल एवं प्राईवेट प्ले स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई और बच्चों के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। श्री बिश्नोई ने बताया कि
भारत सरकार ने 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं देखभाल (ईसीसीई) नीति 2013 बनाई है जिसके अंतर्गत 3-6 वष के बच्चों को निर्धारित पाठ्यक्रम अनुसार गुणवत्ता पूर्ण शाला पूर्व अचौपचारिक शिक्षा का प्रावधान किया गया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती नीरजा शर्मा ने बताया कि बाल शिक्षा केन्द्र पर अब झूले, फिसल पट्टी, रंगमंच, पेंटिंग, यूनिफार्म, बैग, टिफिन, आई कार्ड, कुर्सी, बॉटल आदि की व्यवस्था कराई गई है जिसमें अब प्रतिदिन 4 घंटे बच्चों को अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएगी व इसका मूल्यांकन किया जाएगा। 3-4, 4-5 व 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए अलग-अलग वर्क बुक एवं शिशु विकास कार्ड और निर्धारित पाठ्यक्रम तैयार किए गए है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सांवगा के सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधि, विभाग के पदाधिकारी जिसमें ईसीसीई समन्वयक, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीण मौजूद थे।


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