पुंसवन का आने वाली संतान पर पड़ता है सद्प्रभाव
बैतूल। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में गायत्री शक्तिपीठ बैतूल में जिला स्तरीय ‘आओ गढें संस्कारवान पीढी़’ विषय पर कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में प्रथम वक्ता के रूप में डॉ.शैला मूले ने आहार ,विहार, दिनचर्या ,गर्भोत्सव का महत्व एवं चिकित्सकीय सावधानियों का महत्व पर प्रकाश डाला। जिला महिला समन्वयक निर्मला चौधरी ने पुंसवन का आने वाली संतान पर प्रभाव विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संस्कार से ही संस्कारवान सन्तान पीढ़ी विवेकानंद, धुव, राम कृष्ण,जैसी सन्तान जन्म लेती है। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से शांतिकुंज में सम्पन्न पुंसवन संस्कार की कार्यशाला का प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम में अनुराधा सोलंकी, हेमलता मालवी सहित अनेक ब्लॉक से आई प्रभारी बहनो द्वारा विचार व्यक्त किए। संचालन एवं आभार प्रदर्शन नीलम दुबे ने किया। सुशीला पटैया ने बताया कि पुंसवन संस्कार पूरे देश में गायत्री परिवार द्वारा नि:शुल्क चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की रूपरेखा संयोजन शक्तिपीठ ट्रस्टी कुसुम चौहान ने एवं शक्तिपीठ की कुसम ओमकार, गायत्री हरोडे, वरुणा लोखंडे, शारदा पटने, एवं खेड़ी, भैसदेही, अमल आठनेर,बिस्नुर ,सारणी, शोभापुर सहित जिले की सभी बहनो का सराहनीय योगदान रहा।
बैतूल। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में गायत्री शक्तिपीठ बैतूल में जिला स्तरीय ‘आओ गढें संस्कारवान पीढी़’ विषय पर कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में प्रथम वक्ता के रूप में डॉ.शैला मूले ने आहार ,विहार, दिनचर्या ,गर्भोत्सव का महत्व एवं चिकित्सकीय सावधानियों का महत्व पर प्रकाश डाला। जिला महिला समन्वयक निर्मला चौधरी ने पुंसवन का आने वाली संतान पर प्रभाव विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संस्कार से ही संस्कारवान सन्तान पीढ़ी विवेकानंद, धुव, राम कृष्ण,जैसी सन्तान जन्म लेती है। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से शांतिकुंज में सम्पन्न पुंसवन संस्कार की कार्यशाला का प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम में अनुराधा सोलंकी, हेमलता मालवी सहित अनेक ब्लॉक से आई प्रभारी बहनो द्वारा विचार व्यक्त किए। संचालन एवं आभार प्रदर्शन नीलम दुबे ने किया। सुशीला पटैया ने बताया कि पुंसवन संस्कार पूरे देश में गायत्री परिवार द्वारा नि:शुल्क चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की रूपरेखा संयोजन शक्तिपीठ ट्रस्टी कुसुम चौहान ने एवं शक्तिपीठ की कुसम ओमकार, गायत्री हरोडे, वरुणा लोखंडे, शारदा पटने, एवं खेड़ी, भैसदेही, अमल आठनेर,बिस्नुर ,सारणी, शोभापुर सहित जिले की सभी बहनो का सराहनीय योगदान रहा।


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