बौद्ध के उदाहरण से बताया कि प्रकाश हमारे भीतर मौजूद 

बैतूल। आरडी पब्लिक स्कूल की कला शिक्षिका निमिषा शुक्ला ने कला शिक्षक व युवा चित्रकार श्रेणिक जैन के सहयोग से नवाचार करते हुए बच्चों को प्रेरित करने के लिए भगवान बौद्ध की पेंटिंग तैयार की। इस संबंध में निमिषा शुक्ला ने बताया कि आज बच्चों में एकाग्रता की कमी देखी जा रही है और भगवान बुद्ध के बताए ध्यान और दर्शन से एकाग्रता और आत्मबल में वृद्धि होती है। उन्होने कहा कि दुख, अंधकार और असफलता जीवन का हिस्सा है परन्तु हम अनजाने में किस्मत का नाम देकर उसे कोसते रहते हैं। परन्तु हम यह भूल जाते है कि प्रकाश हमारे भीतर ही मौजूद है जिसे अज्ञानता के कारण पहचान नहीं पाते हैं। यही इस पेंटिंग में दिखाने का प्रयास किया गया है जिसमें बुद्ध प्रकाश की ओर बढ़ते नजर आते हैं। उन्होने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम ध्यान पूर्वक हमारे मन में उपस्थित प्रकाश को पहचाने और उसका चिंतन करते हुए उत्साह पूर्वक अपने कार्य को करने में जुट जाए तेा निश्चित ही निराशा समाप्त होकर जीवन में सकारात्मक प्रकाश का आगमन होगा और हमें उर्जात्मन दिशा भी प्राप्त होगी। शाला प्रबंधन ने इस रचनात्मक गतिविधि की सरहाना की है। 

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