मंदिर तोड़े जाने का गंज मंडी के व्यापारियों ने किया विरोध
बैतूल। गंज मंडी में रामलीला मैदान के पास निर्मित होने वाले कॉम्प्लेक्स की खुदाई हेतु हिंदुओं की आस्था के केंद्र प्राचीन शिव मंदिर को 5 जनवरी को नगरपालिका प्रशासन द्वारा बुलडोजर व सब्बल द्वारा मूर्तियों को हटाया गया। जिससे हिंदुओ की आस्था पर गहरी चोट पहुँची है मंदिर तोड़े जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों व समाजसेवियों सहित धर्म प्रेमी जनता ने कड़ा विरोध जाहिर करते हुए मंगलवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मंदिर तोडक़र हमारी आस्था से खिलवाड़ किया गया है और अब नगरपालिका द्वारा हरे-भरे पीपल पेड़ को काटने का प्रयास किया जा रहा है जिसका हम विरोध करते हैं और मंदिर, पेड़ और कुए के लिए न्यायालय की शरण में जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे। व्यापारियों द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपकर मंदिर तोड़े जाने की घटना के विरोध में आपत्ति दर्ज कराते हुए हर भरे पीपल वृक्ष को न काटने का आग्रह किया गया। साथ ही व्यापारियों द्वारा यह भी कहा गया कि यदि दोबारा हमारी धार्मिक आस्था से खिलवाड़ किया जाएगा तो जो भी स्थिति उत्पन्न होगी उसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की ही होगी। शाम को ही व्यापारियों व सामाजिक संगठनों द्वारा पीपल के वृक्ष के नीचे अखंड रामायण पाठ का आयोजन भी शुरू कर दिया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। ज्ञापन सौंपने वालों में मंदिर समिति के अनिल गुबरेले,युवा सेवा संघ जिलाध्यक्ष राजेश मदान,सुरेश सावनेर, राकेश खंडेलवाल, मनीष मिसर, विकास मिश्रा,विक्रम वैद्य, व्यापारी ओमकार साहू,पुष्पराज साहू,बाबू साहू, शिवनंदन श्रीवास, भूपेन्द्र पंवार, अर्जुन राठौर, धीरज अमरघड़े, महेश साहू, प्रकाश सूरे,संजय पंवार,आयुष राठौर, संतोष सोलंकी, अमन राठौर,बिहारी पंवार,कमलेश राठौर, विशाल विश्वकर्मा, कमलेश साहू,दिलीप पाटिल,नरेंद्र साहू,शुभम जैन,शिव भोले,मनोज डेहरिया सहित कई व्यापारीगण व समाजसेवी शामिल हुए।

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