लाइलाज बीमारी पूर्वकृत पापों का फल :साध्वी रेखा

अवतरण दिवस पर मुलताई आश्रम में आयोजित हुआ सत्संग और भंडारा




बैतूल। जिसमें उन्होंने वैशाख मास की महिमा बताते हुए कहा कि पद्म पुराण के अनुसार वैशाख मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान करने वालों के घर में लक्ष्मी स्थाई रूप से वास करती है और उस व्यक्ति को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जब कोई लाइलाज बीमारी होती है तो समझो वो हमारे पूर्वकृत पापों का ही फल होता है उसे दूर करने हेतु दान और सत्कर्म करना चाहिए। उक्त उद्गार संत श्री आशारामजी बापू के अवतरण दिवस पर सोमवार श्री योग वेदांत सेवा समिति मुलताई द्वारा चैनपुर स्थित आश्रम में बापूजी की साधिका शिष्या साध्वी रेखा बहन के सत्संग के दौरान व्यक्त किए। उन्होने बताया कि वैशाख मास में जल दान का भी विशेष महत्व है। सोमवती अमावस्या पर तुलसी की 108 परिक्रमा से दरिद्रता दूर होती है और अक्षय तृतीया पर किए सत्कर्म अक्षय हो जाते है। साध्वी रेखा बहन ने साधकों से पूज्य बापूजी के प्रति हो रही सुनियोजि


त साजिश और कुप्रचार को एकजुट होकर सुप्रचार से काटने का आह्वान किया। दोपहर हजारों साधकों के बीच साध्वी रेखा बहन ने 89 दीप प्रज्जवलित कर हर्षोल्लास से अवतरण दिवस मनाया और बधाई गीत और भजन कीर्तन गाकर श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति भाव का संचार कर दिया। आयोजित सत्संग में और विशाल भंडारे में जिले भर से हजारों साधक शामिल हुए। 


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