हर्षोल्लास से मनाई गीता जयंती,
गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कराने कलेक्टर को दिया ज्ञापन
बैतूल। श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के तत्वावधान में संत श्री आशारामजी बापू की सत्प्रेरणा से चिखलार स्थित आश्रम में गीता जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि सर्वप्रथम साधकों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता का माल्यार्पण के साथ विधिवत पूजन कर आरती की गई और गीताजी के सातवें अध्याय का पाठ करके अपने-अपने पितृगणों को पुण्यफल अर्पित किया गया। तत्पश्चात गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करवाने व विद्यालयों और महाविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में गीता ग्रंथ को अनिवार्य रूप से शामिल करने हेतु महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व संस्कृति मंत्री के नाम से कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस को गीता जयंती की बधाई के साथ ज्ञापन दिया गया साथ ही अपर कलेक्टर श्यामेन्द्र जैसवाल को भी गीता ग्रंथ भेंट कर गीता जयंती की बधाई दी।
गीता को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए
इस मौके पर श्री मदान ने कहा कि आज का सामाजिक माहौल अत्यंत दूषित होता जा रहा है युवा वर्ग में कुसंस्कार, नशाखोरी व अश्लीलता बढ़ती ही जा रही है जिसके परिणाम स्वरूप मासूम बच्चों व महिलाओं के बलात्कार व उनकी निर्मम हत्या जैसे जघन्य अपराधों में बढ़ोत्तरी हो रही है ऐसे समय में भारत सरकार बच्चों का व देश का भविष्य उज्जवल करना चाहती है तो उसे विद्यालयों, महाविद्यालयों में गीता के पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा क्योंकि गीता किसी विशेष धर्म जाति या व्यक्ति के लिए नहीं वरन मानवमात्र के लिए कल्याणकारी व उपयोगी है, घर-घर में इसका नियमित पाठ होना चाहिए। पूज्य बापूजी ने भी कहा है कि गीता के ज्ञानामृत पान से मनुष्य के जीवन में साहस, सरलता, स्नेह आदि दैवी गुण सहज में ही विकसित हो जाते हैं और अधर्म, अन्याय एवं शोषण का मुकाबला करने का सामर्थ्य आ जाता है इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। भगवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर दिया जाना देश हित में होगा। क्योंकि गीता सर्वशास्त्रमयी है। गीता का भलीभांति ज्ञान हो जाने पर सब शास्त्रों का तत्वज्ञान अपने आप हो सकता है। उन्होने कहा कि कितने आश्चर्य की बात है कि गीता पर हाथ रखकर कोर्ट कचहरी में कसम खाई जाती है परन्तु स्कूल कॉलेजों में गीता पढ़ाई नहीं जाती। गीता हमारा महानतम ग्रंथ है इसे राष्ट्रीय ग्रंथ के रूप में घोषित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में जिला अध्यक्ष राजेश मदान के साथ सुरेंद्र कुंभारे, अजय देवकते, प्रभाशंकर वर्मा, किशोरीलाल झरबड़े, एलबी गायकवाड़, पिंटू बारस्कर सहित अन्य साधकों का योगदान सराहनीय रहा।
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