अपना पूजन होते देख वृद्धजनों के छलक पड़े आँसू
श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा पूजे गए माता-पिता
हर्षोल्लास से मनाया मातृ-पितृ पूजन दिवस
बैतूल। माता-पिता गुरुवर से बड़ा और कोई भगवान नहीं
जो इनका उपकार भूला दे, पत्थर है इंसान नहीं
भूलों सभी को तुम मगर, माँ-बाप को भूलना नहीं
उपकार अगणित है उनके,बात ये भूलना नहीं
बैतूल। संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से विद्यार्थियों व युवाओं को माता-पिता की सेवा व उनका आदर करने की सीख देने और पाश्चात्य कुसंस्कृति के वेलेंटाइन जैसी कुप्रथा से बचाने के पवित्र उद्धेश्य से श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ व महिला उत्थान मंडल बैतूल द्वारा 14 फरवरी रविवार को जिले भर के कई स्थानों पर हर्षोल्लास से मातृ-पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया। श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि सर्वप्रथम चिखलार स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में दोपहर 12 बजे मातृ पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया। जहां साधकों के बच्चों के अलावा चिखलार के ग्रामीण बच्चों ने भी माता-पिता का पूजन किया इसके बाद सोनाघाटी स्थित सामुदायिक भवन में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां बड़ी संख्या में माता-पिता व बच्चों ने शामिल होकर पूजन किया। तत्पश्चात उड़दन स्थित मातोश्री वृद्धाश्रम में समिति के साधकों ने वृद्धजनों को तिलक कर पुष्पमाला पहनाई आरती करके मुंह मीठा कराया व उनके चरण पखारे गए।साधकों द्वारा इस तरह अपना पूजन होते देख वृद्धजनों की आंसू छलक पड़े और उन्होंने ऐसे भावपूर्ण आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यदि सभी बच्चे अपने माता-पिता की सेवा करें तो समाज में वृद्धाश्रम की कभी जरूरत ही न पड़े। आयोजनों में कई वृद्धजनों, पालकों व बच्चों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी को स्वल्पाहार के साथ पूज्य बापूजी का सत्साहित्य वितरित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में जिलाध्यक्ष राजेश मदान के साथ सुरेंद्र कुंभारे, रविकांत आर्य, एलबी गायकवाड़, श्रीमती सुनीता अनेराव,आरआर अनेराव,मनोहर प्रजापति, प्रभाशंकर वर्मा, मोहन मदान, महादेव कापसे,शैलेन्द्र रघुवंशी, अनिता मानकर, रूपा विश्वकर्मा,मुन्नी मालवी, हंसराज धुर्वे,संतोषी वर्मा, संध्या सोनी, शोभा चंदेलकर सहित अन्य साधकों का योगदान सराहनीय रहा।


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