कृष्ण अपने कर्तव्य से कभी विमुख नहीं हुए: संत राघवदास जी महाराज


बैतूल। नारी अपना पूरा जीवन समर्पित कर देती है। मां बनकर अपनी ममता, करुणा लुटाती है। बहन और बेटी बनकर अपना स्नेह देती है, पत्नी बनकर आपकी सेवा करती है और अच्छे बुरे वक्त में आपका साथ देती है। इसलिए नारी का सम्मान करना चाहिए। जहां नारी का सम्मान होता है वहां सुख समृद्धि बनी रहती है, परंतु आज के दौर में नारी सुरक्षित नहीं है इसलिए आज समाज की दुर्दशा हो रही है। उक्त उद्गार सुभद्रा अस्पताल के पास, महावीर वार्ड में चल रही श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन संत राघवदास जी महाराज (अयोध्या) ने व्यक्त किए। उन्होने बाल लीला और माखनचोरी का वृतांत सुनाते हुए कहा कि गोपियां भी जानती थी की कृष्ण का माखनचोरी करना एक लीला भर थी अन्यथा वे सिर्फ चित्त चोर हैं। यह कौन समझ सकता था कि जो बाल मनोहर नटखट लड्डु गोपाल बाल लीला करते हुए बड़े हुए वह महाभारत के सूत्रधार होंगे। भगवान की लीला सिर्फ भगवान ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण अपने कर्तव्य से कभी विमुख नहीं हुए। यजमान विजय सिंह चौहान व श्रीमती राजकुमारी चौहान ने बताया कि आज मंगलवार श्रीरासपंवाध्यायी, उद्वव चरित्र, द्वारकाधीश विवाह उत्सव मनाया जाएगा। आयोजक डॉ.विनय सिंह चौहान व चंदन सिंह चौहान ने बताया कि कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक किया जा रहा है। पहलवान सिंह चौहान ने सभी से उपस्थित होने का आग्रह किया है। 

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