विश्व महिला दिवस दिवस पर निर्दोष संत की रिहाई की मांग की
महिला उत्थान मण्डल ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बैतूल। संस्कृति रक्षा अभियान के अंतर्गत 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्र तथा सनातन संस्कृति के मुख्य स्तंभ संतों पर हो रहे अन्याय एवं अत्याचार की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनकी शीघ्र ससम्मान रिहाई व न्याय की मांग को लेकर महिला उत्थान मंडल, युवा सेवा संघ व श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल द्वारा महामहिम राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर अमनबीर सिंह बैस को भगवद गीता व सुप्रचार साहित्य भेंट करके ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर महिला उत्थान मंडल बैतूल की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता अनेराव ने बताया कि धर्मांतरण रोकने व 50 वर्षों से समाज सेवा करते हुए देशवासियों की भलाई में रत निर्दोष संत श्री आशारामजी बापू के उज्ज्वल चरित्र पर कई षड्यंत्रकारियों द्वारा झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का जघन्य अपराध किया जा रहा है उन्हें विगत साढे सात वर्षों से बिना किसी सबूत व बिना कोई आरोप सिद्ध हुए जोधपुर जेल में बंद रखा गया है जिससे उनके सत्संग, सानिध्य, समाज-उत्थान व सेवा प्रकल्पों में अवरोध उत्पन्न होने से समाज को ही अपूर्णीय क्षति सहनी पड़ रही है। श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ बैतूल के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने कहा कि पूज्य संत श्री आशारामजी बापू को कैद के दौरान एक दिन की भी जमानत या पैरोल नही दी गई जबकि करोड़ों, अरबों रुपयों के घोटाले करने वाले नेताओं, अभिनेताओं, उद्योगपतियो व बड़े-बड़े अपराधियों को तत्काल जमानत दे दी गई है। जबकि बापूजी द्वारा महिलाओं के सर्वांगीण विकास हेतु ही महिला उत्थान मंडल की स्थापना की गई है जो निरंतर कई वर्षों से नारी उत्थान हेतु चले स्व की ओर, कैदी उत्थान जैसे समाज हित के सेवा कार्यों में रत है। बापूजी द्वारा 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे की जगह मातृ पितृ पूजन दिवस शुरू कराया, युवाओं को व्यसनमुक्त कर उनका सर्वांगीण विकास किया, हजारों बाल संस्कार केंद्र शुरू किए, गुरुकुलों की स्थापना की। आदिवासी क्षेत्रों में गरीब जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, बर्तन व नकद दक्षिणा के वितरण के साथ मकान भी बनाकर दिए। जेल में बंद होने के बावजूद उनकी संस्थाओं श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ व आश्रमों द्वारा अनवरत समाज सेवा के कार्य किए जा रहे है। श्री मदान ने कहा कि नारी समाज की नींव है उसकी सुरक्षा के लिए लोकतंत्र द्वारा भी अनेकों कानून बनाए गए है किन्तु कुछ लोग नारी सुरक्षा के लिए बने कानूनों का दुरुपयोग आम लोगों से लेकर प्रतिष्ठित व्यक्तियों के विरूद्ध कर रहें हैं। जिससे निर्दोषों को झूठे मामलों में फंसा कर देश व संस्कृति के साथ संतो के प्रति आस्था तोडऩे का कार्य हो रहा है इन कानूनों में उचित संशोधन कर उनकी पुन: विवेचना की जानी चाहिए ताकि निर्दोषों पर अन्याय ना हो। महिला उत्थान मंडल द्वारा देश की बहनों की ओर से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री से यह मांग की गई है कि सभी तथ्यों पर गौर करते हुए भारत की महान सनातन संस्कृति,राष्ट्र व समाज के हितार्थ कार्य करने वाले संत श्री आशारामजी बापू को उनके गिरते स्वास्थ्य और 84 वर्ष की उम्र का लिहाज करते हुए शीघ्र अतिशीघ्र ससम्मान रिहाई के लिए उचित कदम उठाए जाएं जिससे लोकतंत्र के स्तंभों के प्रति जनता का विश्वास दृढ़ हो। ज्ञापन सौंपते समय महिला उत्थान मंडल बैतूल की अध्यक्ष सुनीता अनेराव, रूपा विश्वकर्मा, कांति वर्मा, संध्या सोनी, अनिता मानकर,आशा भूमरकर, शोभा चंदेल, गीता नरवरे, बाया ठाकरे, आशा भूमरकर, हेमा राठौर, माधवी पठारे, लक्ष्मी मालवी व युवा सेवा संघ बैतूल के जिलाध्यक्ष राजेश मदान, अजय देवकते,टीसी पाल, एलबी गायकवड़, सतीश पाल आदि अन्य कई साधक भाई बहन मौजूद थे।

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