जेल में गायत्री परिवार ने की लायब्रेरी की स्थापना

बंदियों को सत्साहित्य देगा जीवन सुधार की प्रेरणा



बैतूल। अखिल विश्व गायत्री परिवार बैतूल के द्वारा बुधवार को जिला जेल में गायत्री परिवार का युग सहित एवं पुस्कालय के लिए अलमारी गायत्री परिजन श्याम सुंदर हिंगवार द्वारा भेंट की। बंदी जनों को साहित्य के बारे में विस्तार से बताते हुए ट्रस्टी रोशन लाल पटैय्या ने कहा कि जैसे आदमी की भूख मिटाने के लिए भोजन की आवश्यकता होती  है उसी प्रकार आत्मा की भूख मिटाने के लिए युग साहित्य का पठन- पाठन अध्ययन जरूरी है। इससे आत्मा को तृप्ति मिलती है मनुष्य में सद्गुणों का विकास होता है। होशंगाबाद निवासी महेश ठाकुर ने गुरुदेव के द्वारा लिखित 3200 पुस्तकों के बारे में बताया कि गुरुदेव ने जीवन के हर क्षेत्र में पुस्तक लिखी है इनका आप हम सभी को अध्ययन कर अपने जीवन को सफल बनाएं।  प्रेमलाल कुशवाह ने गायत्री परिवार द्वारा जेलों में चलाए जा रहे हैं सुधारात्मक एवं रचनात्मक अभियानों के बारे में बताया। उन्होने कहा कि गायत्री मंत्र लेखन, व्यक्तित्व विकास की क्लास, युग पुरोहित, सुगम संगीत, योग व्यायाम प्रशिक्षण, व्यसन मुक्त अभियान, पौधारोपण एवं स्वावलंबन के प्रशिक्षण प्रदेश की अन्य जेलों में चलाए जा रहें हैं। जेल अधीक्षक योगेन्द्र तिवारी ने गायत्री परिवार की सराहना की और कहा कि गायत्री मंत्र सद्बुद्धि का मंत्र है। प्रेमलाल कुशवाहा बुधनी के अथक परिश्रम और प्रयास से अभी तक प्रदेश की 98 जिलों मे की जेलो में साहित्य एवं लाइब्रेरी की स्थापना की जा चुकी है। कार्यक्रम में गायत्री परिवार का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर गायत्री परिवार के वरिष्ठ विमल कुमार दुबे, ब्लाक समन्वयक देवेंद्र साहू, मनीष धोटे, पूनम खंडेलवाल, वरुणा लोखंडे एवं युवा प्रकोष्ठ से ब्लॉक युवा समन्वयक आशीष पटैय्या, प्रांतीय युवा प्रभारी हिरेंद्र शर्मा, भुवनेश्वर झाड़े, अनिल साहू, किशोर मालवीय, प्रार्थना उपाध्याय सहित जेल स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा।

Comments

Popular posts from this blog