हथेली पर ओम लिख किया शिक्षा का शुभारंभ

बसन्त पंचमी उत्सव, विद्यारम्भ संस्कार सम्पन्न



बैतूल। बसंत पंचमी उत्सव  सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मप्र के मार्गदर्शन में सरस्वती विद्या मन्दिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कालापाठा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्या भारती की योजनानुसार विद्यारम्भ संस्कार का अनूठा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। माताओं ने अपनी गोद में नौनिहालों को बैठाकर हवन में आहुति छोडक़र शिशु को मां सरस्वती का स्मरण कर शिशु की शिक्षा प्रारम्भ की। माताओं ने शिशु के दाहिने हाथ पकडक़र ओंकार ध्वनि के साथ ‘‘ओम’’ व स्वास्तिक की आकृति बनवाई, क्योंकि सृष्टि में प्रथम ‘ओम’की उत्पत्ति हुई थी। नगर की सैकड़ों माताओं ने विद्यालय में अपने शिशुओं का विद्यारम्भ संस्कार कराया। कार्यक्रम के शुभारम्भ पर सरस्वती का पूजन, वन्दना व पंडित आकाश तिवारी के मुखारबिन्द से वेदोच्चारण के साथ वेद पूजन अतिथिद्वय ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित महर्षि अरविन्द शिक्षा समिति की सहसचिव एवं विद्याभारती की शिशु शिक्षा प्रभारी व मुख्य वक्ता श्रीमती रश्मि साहू ने कहा कि शिशु की प्रथम गुरू उसकी मां होती है । मां की शिक्षा उपरान्त शिशु विद्यालय की शिक्षा प्राप्त करता है । शिक्षा के पूर्व विद्याभारती के इस अनूठे आयोजन के द्वारा वह प्रथमाक्षर की ओर अग्रसर होता है । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समिति के सचिव मुकेश खण्डेलवाल ने कहा कि जीवन में संस्कारों का अत्यंत महत्व है जो शिशु मन्दिरों के माध्यम से पूर्ण होता है। बसन्तोत्सव के इस आयोजन में शिशु मन्दिर के नन्हें-नन्हें बच्चों ने आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति। कामाक्षी दीक्षित ने एकल नृत्य के माध्यम से सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की । बहिन रुचिका सोनी एवं बहिन डिम्पल विश्वकर्मा ने अपने साथियों के साथ सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की जयन्ती के अवसर पर उनके जीवन पर चेतन लोखण्डे एवं माही यादव ने आपना भाषण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम विद्या भारती की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं पर केन्द्रित हस्तलिखित पत्रिका का विमोचन किया गया। विद्यारम्भ कब, क्यों, कैसे करना इस पर अपना सारगर्भित प्रस्तावना श्रीमती अनीता धोटे ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में प्रबन्ध समिति सदस्य दिनेशजी सोनी,  बालारामजी साहू, चन्दूमलजी थारवानी सहित श्रीमती रानू उपाध्याय उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मोनिका वर्मा दीदी, अतिथि परिचय श्रीमती सुरेखा वैद्य  व आभार शिशु वाटिका जिला प्रमुख श्रीमती शारदा साबले ने व्यक्त किया ।

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