तुलसी के धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक महत्व भी
बैतूल। राम मंदिर परिसर रामनगर में तुलसी पूजन, तुलसी के पौधों का वितरण और रोपण किया गया। इस मौके पर आदर्श अग्निहोत्री ने कहा कि तुलसी का पौधा हर घर में लगाना जरूरी है क्योंकि इसके धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक महत्व भी हैं और हिन्दु धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र और लाभकारी बताया है। तुलसी का पौधा हर घर में सदियों से लगता आ रहा है साथ ही छोटे-बड़े जितने भी धार्मिक आयोजन होते हैं घर में उस दौरान तुलसी के पौधे की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इतना ही नहीं आयुर्वेद और विज्ञान में भी तुलसी के पौधे का खास महत्व बताया गया है। तुलसी के पौधे का महत्व हिंदू धर्म के अनेक ग्रंथों और पुराणों में बताया गया है। तुलसी के पौधे की कई विशेषताएं पद्मपुराण, ब्रह्मवैवर्त, स्कंद पुराण, भविष्य पुराण और गुरुड़ पुराण में बताई हैं। पुराणों के अनुसार तुलसी के पत्ते को गंगाजल के साथ मृत्यु के समय लेने से व्यक्ति की आत्मा को शान्ति मिलती है साथ ही वह स्वर्ग में जाता है। तुलसी के पत्ते और गंगाजल को कभी भी पूजा में बासी नहीं माना गया है। बासी और अपवित्र किसी भी परिस्थित में ये दोनों चीजें नहीं मानी गई हैं। मान्यताओं के अनुसार तुलसी की पूजा हर रोज नियमित रूप से जिन घरों में होती है सुख और समृद्धि घर में बनी रहती है। श्री अग्निहोत्री ने बताया कि तुलसी के पौधे का वैज्ञानिक महत्व की बात करें तो नियमित रूप से तुलसी के पौधे के पत्तों के सेवन से ऊर्जा का प्रवाह शरीर में नियंत्रित होता है। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीबायोटिक गुण तुलसी के पौधे में पाए जाते हैं। ये गुण शरीर को संक्रमण से लडऩे में मदद करते हैं। साथ ही वास्तु संबंधी दोष उन घरों में नहीं होते हैं जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है। कार्यक्रम का संचालन प्रणय सोलंकी ने व आभार रजत मालवीय ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुणाल डांडारे, विशाल किरोदे, वेद पाटिल, ऋषभ सोनी, कृष्णा डांडारे आदि मौजूद थे।

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