भगवद्गीता बने राष्ट्रीय ग्रंथ, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

श्री योग वेदांत सेवा समिति ने कलेक्टर व एस पी को भेंट की गीता जी

आज मंदिरो में गीता जयंती व तुलसी पूजन दिवस मनाया जाएगा


बैतूल। श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ व महिला उत्थान मंडल बैतूल द्वारा गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व संस्कृति मंत्री के नाम कलेक्टर राकेश सिंह को ज्ञापन सौंपा व भगवद गीता भेंट की। इस संबंध में युवा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि गीता मानव मात्र का धर्म ग्रंथ है गीता में किसी भी मत-पंथ-मजहब की निंदा नही की बल्कि मनुष्यमात्र की उन्नति समाहित है। गीता सभी शास्त्रों का सार है। गीता भक्ति योग, ज्ञान योग एवं निष्कामता आदि से भरपूर विश्व मे एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है। विदेशों में श्री गीता जी का महत्व समझते हुए इसे स्कूल-कॉलेजों में पढ़ा रहें है। भारत सरकार भी अगर बच्चों एवं देश का भविष्य उज्ज्वल बनाना चाहती है तो सभी स्कूल कॉलेजों में गीता अनिवार्य कर देनी चाहिए। इस उद्देश्य से संत श्री आशारामजी बापू ने सन 2014 से गीता जयंती व तुलसी पूजन दिवस व्यापक रूप से मनाने की शुरुआत की। समिति द्वारा आज शुक्रवार सुबह 11 बजे रुक्मणी बालाजी मंदिर बालाजीपुरम, अन्य मंदिरों, आश्रमों व सार्वजनिक स्थलों में गीता जयंती व तुलसी पूजन के कार्यक्रम आयोजित होंगे। ज्ञापन सौंपने के पश्चात एसपी शिमाला प्रसाद की कार्यशैली व बेहतर कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए भगवद गीता भेंट की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजेश मदान के साथ अनूप मालवी,राकेश पठारे,अजय देवकते, शुभम साकरे, सतीश पाल, लेखचन्द बबलू यादव आदि साधक मौजूद थे।

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