कोरोना वायरस से जागरूकता के लिए कपूर से की महाआरती
देशी गाय के गोबर से बने कंडो की होली जलाने की ली शपथ हुआ भंडारे का आयोजन
बैतूल। मां शारदा सहायता समिति,सांई समिति रामनगर, श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ व महिला उत्थान मंडल बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य जागरूकता,पर्यावरण शुद्धि व विश्व में बढ़ते कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को रोकने तथा चाईनीज सामग्री के बहिष्कार को लेकर सांईधाम रामनगर बैतूल में देशी कपूर से संगीतमय महाआरती के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया और साथ ही कोरोना जैसे खतरनाक वायरसों से बचने व पर्यावरण संरक्षण हेतु देशी गाय के गोबर से बने कण्डे की होली जलाने व जहरीले रासायनिक रंगों के बजाय पलाश के प्राकृतिक फूलों से बने रंगों से होली खेलने की शपथ भी ली गई। मां शारदा सहायता समिति के शैलेन्द्र बिहारिया ने बताया कि कोरोना वायरस के डर को दूर कर सावधानी व स्वच्छता रखने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता लाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें रांगोली, थाली सजाओ प्रतियोगिता के साथ भारतीय परिधान प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। आयोजन के मुख्य अतिथि डॉ.विनय सिंह चौहान रहे। प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा शील्ड व पुरुस्कार राशि से सम्मानित किया गया। समितियों द्वारा सांई सत्संग सेवा मंडल बैतूल को सेवा पुरुस्कार 2020, युवा राकेश माझी को भी युवा पुरस्कार 2020 प्रदाय कर सम्मानित किया गया। युवा सेवा संघ बैतूल के जिलाध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि विश्व में कोरोना वायरस की दहशत फैली है परंतु इससे घबराएं नही वरन सावधान रहकर स्वच्छता के कुछ नियमों का पालन करें। जिसमें एक दूसरे से हाथ व गले न मिलाकर भारतीय परंपरा अनुसार दोनो हाथ जोडक़र अभिवादन करें। बाहर से आने पर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। खाँसते व छींकते समय मुँह पर रुमाल या हाथ रखें। सर्दी-खाँसी,जुकाम व बदन दर्द होने पर तुरंत अस्पताल में जाँच कराये और देश की जनता हरे भरे वृक्षों को न काटकर लकड़ी के बजाय देशी गाय के गोबर से बने कंडो से ही होली जलाएं जिससे पर्यावरण संरक्षण होगा एवं पलाश के प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलें, नीम पत्ते व काली मिर्च का सेवन करें। जिससे इस खतरनाक वायरस से बचकर वर्ष भर स्वस्थ रहा जा सकता है इसके साथ ही देशी गाय के गोबर के कंडे में एक चम्मच घी और हवन सामग्री डालकर घर में प्रतिदिन धुंआ करें। चाईनीज सामग्री का बहिष्कार करें व शाकाहार ही अपनाएं। श्री मदान द्वारा सभी को गाय के गोबर के कंडो से होली जलाने व पलाश के फूलों के रंगों से ही होली खेलने की शपथ दिलाई। आयोजन में पंजाब गायकवाड़, श्रीराम तिवारी,कृष्णा चौधरी, युवा मोर्चा के संजू सोलंकी,राकेश माझी, करण प्रजापति, भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष राजेश मंसुरिया, गायक डैनी सावनकुमार, संदीप अवाडकर, जगदीश मालवीय, जगदीश किरोदे, सुभाष खवसे, रोहित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त व गणमान्य नागरिक व समाजसेवी शामिल हुए।


देशी गाय के गोबर के कंडे में देशी कपूर और देशी घी डालकर आरती करने से व शंख ध्वनि करने से आसपास के क्षेत्र के सभी कीटाणु नष्ट हो जाते है।साथ ही जहरीले रंगों के स्थान पर पलाश के फूलों के रंग से होली खेलने पर स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।अतः सभी देशवासी इसका लाभ लें।
ReplyDeleteIt's a very good initiative 👍
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