भाभी की स्मृति में ननदों ने देहदान का लिया संकल्प
बैतूल। अपनों की स्मृति को स्थाई बनाने के लिए जनहित व सेवा कार्य से बड़ा कोई काम नहीं है। परिवार में दिवंगतों के जन्मदिन और पुण्यतिथि पर जनहित में किए गए कार्यों से लोगों की दुआएं तो मिलती ही हैं साथ ही आत्म संतुष्टी का भी अनुभव होता है। समाजसेवी देवेन्द्र बर्थे की धर्मपत्नी स्व.हर्षा बर्थे की पुण्यतिथि पर हर्षा के ननदोयी राजेन्द्र बामनिया, ननद गायत्री बामनिया और कुनाली अधोडकर द्वारा देहदान का संकल्प लिया गया। आज समाज में कई घरों भाभी और ननद में तकरार के किस्से सुनाई देते हैं। ऐसे में आपनी स्वर्गीय भाभी के प्रति यह स्नेह सभी के लिए प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि पति देवेन्द्र बर्थे ने हर्षा के जन्मदिन पर इसी वर्ष देहदान का संकल्प लिया है। उनकी पत्नी का दुखद निधन 24 वर्ष की अल्प आयु में दो वर्ष पूर्व हो गया था। देहदान का फार्म डॉ.अरूण जयसिंगपुरे ने भरवाया। डॉ.जयसिंगपुरे ने कहा कि देहदान से आप मृत्यु के बाद भी समाज की सेवा के काम आ सकते हैं। इस अवसर पर रितेश बर्थे, रविन्द्र अधोडकर, परी बर्थे, मिष्ठी बामनिया, विक्रांत बामनिया मौजूद थे। सभी ने देहदान के संकल्प लेने पर मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

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