भारत में महिलाएं प्राचीन काल से ही सशक्त :श्रीमती मीरा सिंग 


बैतूल। यौर्स सोशल सोसायटी लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना बैतुल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लीगल एडवाइजर वन स्टाप सेंटर एडवोकेट श्रीमती मीरा सिंग और विशेष अतिथी प्रदेशअध्यक्ष राष्ट्रीय युवा हिन्दू वाहिनी महिला संगठन श्रीमती कविता मालवी मौजूद रहीं। इस अवसर पर मीरा सिंग ने महिला सशक्तिकरण विषय पर बोलते हुए कहा की भारत में महिलाएं प्राचीन काल से ही सशक्त रही हैं। 12 वीं सदी के बाद कुछ कुरुतियां आयी थी उस समय भी सशक्त महिलाओं के उदहारण मिलते है। आज भारतीय संविधान ने महिलाओं को विशेष अधिकार दिए हैं। महिलाओं के सतत विकास के लिए कार्ययोजना बनी हैं। बदलाव आ रहा हे पर यह बदलाव धीमा है। सिर्फ महिला दिवस पर ही नहीं वर्ष भर महिलाओं को अपने आप को सशक्त मानना चाहिए। श्रीमती कविता मालवी ने अपने सन्देश में कहा की महिलाएं समाज की वास्तविक वास्तुकार होती हैं। महिला के बिना पुरुष का अस्तित्व नहीं है। जन्म लेने के बाद सबसे पहले हम सभी का साक्षात्कार मां के रूप में एक महिला से ही होता हे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती उषा अतुलकर ने कहा की परिवार निर्माण एवं अगली पीढ़ी की  दशा एवं दिशा मां के रूप में महिला ही निर्धारित करती है। विशेष अतिथि श्रीमती लता सोनी ने स्वरचित कविता पाठ किया एवं कहा की नारी को देवता के तुल्य मानना हमारी संस्कृति रही है। महिलाओं ने आज हर क्षेत्र में प्रगति कर अपना विषेष स्थान अर्जित किया है। कार्यक्रम का संचालन कुमारी वर्षा खातरकर ने किया। छाया प्रजापति, पिंकी तालमपुरिया, भाग्यश्री नामदेव ने भी उपस्थित समुदाय को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कई प्रतियोगताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर परियोजना के समस्त कर्मचारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।

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