रासायनिक खाद से सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी हो रही है
जैविक कृषि पर कार्यशाला संपन्न
बैतूल। ब्लाक चिचोली के नसीराबाद में पंचायत भवन में कल्याणकारी जनसेवा समिति बैतूल द्वारा कृषकों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर कल्याणकारी जनसेवा समिति के भरत पांचाल इंदौर ने कहा कि रासायनिक खाद से मिट्टी में पोषक तत्व घटे, बाल झड़ेंगे, कुपोषण की भी आशंका रासायनिक खाद के उपयोग से खेत की मिट्टी में अम्ल की मात्रा बढऩे के साथ अब जिंक और बोरान जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होती जा रही है। इसका दुष्प्रभाव मिट्टी पर तो पड़ रहा है, इसका दुष्प्रभाव मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉ.राजेन्द्र ठाकुर ने कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि जैविक खेती उत्पादित फलों और सब्जियों की विषाक्त सामग्री को कम करती है जिससे उपभोग के बाद स्वस्थ स्वस्थ परिणाम प्राप्त होते हैं। खेती की यह विधि मिट्टी को एक साथ बांधती है जो किसी भी प्रकार के रसायनों और कीटनाशकों से पूरी तरह मुक्त है। इस प्रकार, मिट्टी कम समय में अपनी उर्वरता को बहाल करने में सक्षम है। युवा कृषक अर्पित वराठे ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसानों ने बताया कि हम विगत तीन वर्षो धरनीधरा का उपयोग करते हुए जैविक खेती कर रहें हैं और इससे हमें अच्छा लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन भरत पांचाल ने एवं आभार नसीराबाद सरपंच ने व्यक्त किया। इस अवसर पर संजु राठौर, धरनीधरा जैविक खाद से सतीष उइके, कैलाश दवंडे, प्रकाश यादव, नसीराबाद के कृषक नामदेव खाड़े, गोविंद राव, राजेश गावंडे, नितेश वाघमारे सहित बड़ी संख्या में कृषक मौजूद थे।
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