मातृ पितृ पूजन दिवस को मिले राष्ट्रीय पर्व का दर्जा
श्री योग वेदांत सेवा समिति ने सौंपा ज्ञापन
बैतूल। माता- पिता और गुरुजनों का भारतीय संस्कृति में श्रेष्ठ स्थान है परंतु आज पाश्चात्य संस्कृति के दुष्प्रभाव का शिकार होकर बच्चों का अपने माता-पिता के प्रति आदर भाव कम होता जा रहा है वर्तमान पीढ़ी के हृदय में माता-पिता व गुरुजनों के प्रति आदर सम्मान बढ़ता रहे व दुष्प्रवत्तियों से बचकर संयमी, सदाचारी, ओज तेज संपन्न तथा उत्तम चरित्र के धनी बने। इस उद्देश्य से पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से पिछले 16 वर्षों से वैश्विक स्तर पर 14 फरवरी को निरंतर मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल द्वारा जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों में मातृ पितृ पूजन दिवस के कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश जारी करने व इस दिवस को राष्ट्रीय पर्व घोषित कराने और इस पर्व का प्रारंभ करने वाले निर्दोष हिन्दू संत श्री आशारामजी बापू की शीघ्र रिहाई हेतु राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस को ज्ञापन सौंपा।
पूरे विश्व में हो रही है सराहना
इस संबंध में समिति के जिला अध्यक्ष राजेश मदान ने बताया कि पूज्य बापू जी की प्रेरणा से 16 वर्षों से पूरे विश्व में मातृ पितृ पूजन के कार्यक्रम का अभियान चलाया जा रहा है यह अभियान देश के करोड़ों बच्चों व युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसकी सभी क्षेत्रों में बहुत अच्छी प्रतिक्रियाएं मिल रही है सार्वजनिक स्थलों में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं विभिन्न धर्मों, शिक्षाविदों, राजनीतिज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों व गणमान्य हस्तियों आदि के द्वारा इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए अपनी सहभागिता दी जा रही है देश के राष्ट्रपति केंद्रीय व राज्य स्तरीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों आदि ने इस अभियान की प्रशंसा की है छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2015 से राज्य के सभी विद्यालयों महाविद्यालयों में प्रतिवर्ष 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने के निर्देश जारी किए है। ज्ञापन में मांग की है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों विद्यालयों महाविद्यालयों में 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने के आदेश जारी किए जाएं व इस दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में घोषित किया जाए।
पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की हो रिहाई
श्री मदान ने कहा कि मातृ-पितृ पूजन दिवस जैसे पुण्य प्रेरक प्रकल्पों के प्रणेता, मार्गदर्शक पूज्य संत श्री आशारामजी बापू को झूठे आरोपों के तहत पिछले करीब 9 वर्षो से जेल में रखा गया है। 85 वर्षीय पूज्य बापू जी का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। ज्ञापन में पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू की शीघ्र ससम्मान रिहाई की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपते समय समिति के सुरेंद्र कुंभारे, एलबी गायकवाड़, प्रभाशंकर वर्मा, शैलेन्द्र रघुवंशी, अनूप मालवीय व अन्य साधक मौजूद थे।
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