नशा व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में तनाव का कारण
विश्व नशा निरोधक दिवस मनाया
बैतूल। मप्र राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधन में लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना योर्स सोशल सोसायटी के द्वारा विश्व नशा निरोधक दिवस मनाया गया। जिसमें समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा रैन बसेरा और बस स्टैंड कोठीबाजार में लोगों को नशे के दुष्परिणाम से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि इस बार विश्व नशा निरोधक दिवस की थीम शेयर फैक्ट्स ऑन ड्रग्स, सेव लाइव्स रखी गई है। इस मौके पर परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक निर्देश मदरेले द्वारा मजदूरों को बताया कि नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तम्बाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है। नशे की लत ने इंसान को उस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब व्यक्ति मादक पदार्थों के सेवन के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है। व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में तनाव, प्रेम संबंध, दांपत्य जीवन व तलाक आदि कारण नशे की बढ़ती लत के लिए जिम्मेदार है। कांउसलर वंदना देशमुख ने बताया कि वर्तमान में युवाओं को इंग्जेक्शन द्वारा किए जाने वाले नशे का प्रचलन बड़ रहा है। किसी भी प्रकार का नशा दिमागी तंत्र को शिथिल कर देता है और व्यक्ति की सोचने समझने, अच्छा-बुरा सोचने की क्षमता खत्म हो जाती है। जिससे वह अपने साथ अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का भारी अहित करता है। एकाउंट ऑफिसर विनम्र पिपले ने उपस्थित लोगों को भविष्य में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा ना करने और लोगों को भी नशे से दूर रहने की शपथ दिलवाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में विशाल आर्य, छाया प्रजापति, अभिषेक सोनी, सुनिता उइके, नवीन चौकीकर, बरखा उइके, सोनू बिसंद्रे आदि का सराहनीय योगदान रहा।

Comments
Post a Comment