अयोध्या भूमि खुदाई के अवशेषों को सार्वजनिक किया जाए

बैतूल। भीम आर्मी भारत एकता मिशन बैतूल द्वारा राष्ट्रपति के नाम से जिला प्रशासन बैतूल को अयोध्या के 2.77 एकड़ भूमि में मिले प्राचीन बुद्ध कालीन अवशेषों, नए सिरे से उत्खनन करने एवं पूरे 70 एकड़ भूमि का उत्खनन कर सुरक्षा देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में संगठन के जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ झरबड़े ने बताया कि अयोध्या के 2.77 एकड़ भूमि का समतलीकरण करते समय मिले प्राचीन बुद्ध कालीन अवशेष प्राप्त होने से ऐसा प्रतीत होता है कि ये प्राचीन साकेत नगरी थी जो की एक बौद्ध विरासत होने का प्रमाण है। जो कि हमारी आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ विषय है। सुभाष खातरकर व जितेन्द्र गोले ने बताया कि इस स्थल की हाल ही में उत्खनन में प्राप्त बौद्ध अवशेषों के आधार पर उपरोक्त विवादित भूमि का पुरातत्व विभाग द्वारा जांच कर उपरोक्त भूमि बौद्ध समुदाय को प्रदान की जाए। विवादित भूमि पर उत्खनन से प्राप्त अवशेषों को वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपतराय के द्वारा नष्ट और क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अरूण डोंगरे व नीरज अंबुलकर ने बताया कि प्राप्त अवशेषों को संरक्षित व सुरक्षित किया जाए अन्यथा पुरातत्व विभाग का कानून सार्वजनिक तौर पर जलाया जाएगा। ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त विषय की गंभीरता दर्शाते हुए उचित कार्यवाही की जाए अन्यथा संगठन देशव्यापी आंदोलन करेगा। इस अवसर पर शुभम कापसे, योगेश इंगले, आकाश कापसे, योगेश वामनकर, सरवन उइके, लवकुश निरापुरे, आशीष अतुलकर, जितेन्द्र कापसे, बीएल मासोदकर, अमृतलाल चौकीकर मौजूद थे।  

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