बड़ती हिंसा, असहिष्णुता, पारस्परिक वैमनस्य शिक्षा की उपेक्षा का परिणाम
मूल्य आधारित शिक्षा के उद्देश्य एवं प्रभाव, राष्ट्रीय वेबीनार संपन्न
बैतूल। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जेएच कॉलेज में शुक्रवार मूल्य आधारित शिक्षा के उद्देश्य एवं प्रभाव पर एक दिवसीय राष्ट्रीय बेबीनार आयोजित किया गया। वेबीनार में प्राचार्य डॉ.मीनाक्षी चौबे के संरक्षण एवं संयोजक डॉ.अनिता सोनी, विभागाध्यक्ष हिन्दी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य एवं विभागाध्यक्ष हिन्दी, गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर छग डॉ.गौरी त्रिपाठी, एवं डॉ.सुरेश गोहे हंसराज कॉलेज, उपअधिष्ठाता छात्र कल्याण दिल्ली विश्वविद्यालय थे। इस मौके पर मुख्य वक्ता डॉ.गौरी त्रिपाठी ने कवि निराला की सरोज स्मृति एवं कामायनी का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा, कर्म और नैतिकता से ही हम मूल्यों का निर्धारण कर सकते हैं। मुख्य वक्ता डॉ.सुरेश गोहे ने स्पष्ट किया कि मूल्य आधारित चिंतन व्यवहारिक दृष्टि से ही करने होगें। डॉ.मीनाक्षी चौबे ने कहा कि समाज में बड़ती हिंसा, असहिष्णुता, पारस्परिक वैमनस्य, स्वार्थपरता मूल्य आधारित शिक्षा की उपेक्षा का परिणाम है। मानव की स्वार्थपरता एवं असंवेदनशीलता प्रकृति के निष्ठुर दोहन एवं तदजनित प्राकृतिक आपदाओं के रूप में परिलक्षित है। डॉ.अनीता सोनी, विभागाध्यक्ष हिन्दी ने कहा कि आज का युवा मानसिक कुण्ठा, भ्रष्टाचार एवं चुनौतियों से ग्रसित है, इन चुनौतियों के लिए नैतिक मूल्यों की आवश्यकता है, जो शिक्षा के द्वारा ही संभव है। डॉ.राकेश पंवार के द्वारा वेबीनार का समीक्षात्मक उद्बोधन दिया एवं डॉ.देवी सिंह सिसोदिया के द्वारा आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो.संतोष पंवार ने किया। वेबीनार को सफल बनाने में डॉ.अनिता सोनी, सह संयोजक डॉ.प्रगति डोंगरे, सदस्यगण डॉ.शीतल खरे, डॉ.देवीसिंह सिसोदिया, डॉ.लोकेश कुमार, डॉ.शारदा द्विवेदी, डॉ.रशिम अग्रवाल, प्रो.संतोष पंवार एवं महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों का सरहानीय योगदान रहा। वेबीनार में 200 प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की ।
.jpg)
.jpg)
Comments
Post a Comment