रामायण श्लोकों के रामचरितमानस चौपाई के प्रारूप में है: निशि दीदी
माथनी में चल रही संगीतमय रामचरित मानस
बैतूल। ग्राम माथनी मे सार्वजनिक सहयोग से 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन 15 अप्रैल तक किया जा रहा है। व्यास गादी से चित्रकूट से पधारी मानस सेविका निशि दीदी जी अपने मुखारबिंद से रामचरित मानस की पावन श्रीराम कथा का वाचन कर रही है। प्रथम दिवस ग्राम में शोभा यात्रा के साथ ग्रंथ पूजन करके स्वागत के साथ कार्यक्रम स्थल पर ग्राम के लोगो द्वारा कथा वाचिका का स्वागत किया। कथा के तीसरे दिवस रविवार को मानस सेविका भगवान श्री निशि दीदी जी ने रामचरितमानस के अनेक प्रसंगों को रोचक तरीके से बताया। उन्होने बताया कि रामायण को श्लोकों के प्रारूप में लिखा गया है, जबकि रामचरितमानस को चौपाई प्रारूप में लिखा गया है। रामायण भगवान राम और उनकी यात्रा की मूल कहानी है। रामचरितमानस रामायण का मूलमंत्र है। कथा के बीच कई लोककथाओ के माध्यम से जीवन मे अच्छाईयां को स्वीकार करने का आव्हान किया साथ ही तन मन धन बर्बाद करने वाली नशा, मदिरा, व्यसन जैसी चीजों को त्यागने का संकल्प दिलाया। शिव पार्वती विवाह प्रसंग, सती जी की कथा के साथ जीवन में परमार्थ के बारे में चौपाइयों के सुन्दर वर्णन करते हुए रसपान करा रही है कथा का समापन 15 अप्रैल को पूर्णाहुति और भंडारे के साथ किया जाएगा।
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