अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए धूमधाम से मनाया करवाचौथ
बैतूल। करवाचौथ पर्व अनु भार्गव के निवास सिवि
ल लाईन में महिलाओं द्वारा धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शशि भार्गव ने बताया कि करवा चौथ भारत के पंजाब, उप्र, हरियाणा, मप्र और राजस्थान में मनाया जाने वाला पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सुहागिन स्त्रियां मनाती हैं। यह व्रत सुबह सूर्योदय से शुरू होकर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद संपूर्ण होता है। पूनम भार्गव व नूतन भार्गव ने बताया कि ग्रामीण स्त्रियों से लेकर आधुनिक महिलाओं तक सभी नारियां करवाचौथ का व्रत बडी़ श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रखती हैं। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चन्द्रोदय व्यापिनी चतुर्थी के दिन करना चाहिए। पति की दीर्घायु एवं अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन भालचन्द्र गणेश जी की अर्चना की जाती है। करवाचौथ में भी संकष्टीगणेश चतुर्थी की तरह दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अर्घ्य देने के उपरांत ही भोजन करने का विधान है। संगीता भार्गव व अनु भार्गव ने बताया कि स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो, सबको इस व्रत को करने का अधिकार है। जो सुहागिन स्त्रियां अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना करती हैं वे यह व्रत रखती हैं। नीलिमा भार्गव व संध्या भार्गव ने बताया कि यह व्रत 12 वर्ष तक अथवा 16 वर्ष तक लगातार हर वर्ष किया जाता है। अवधि पूरी होने के पश्चात इस व्रत का उद्यापन किया जाता है। जो सुहागिन स्त्रियां आजीवन रखना चाहें वे जीवनभर इस व्रत को कर सकती हैं। इस अवसर पर मेघा भार्गव, प्रगति भार्गव, कृति दुबे, पूर्वा पाठक, अपराजिता भार्गव, श्रेया भार्गव, रिचा मिश्रा, अपूर्वा भार्गव, सोनू भार्गव, जया अटलानी, आराध्या भार्गव, पुष्पा अटलानी, अविका भार्गव, अगस्तय भार्गव मौजूद थी।
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