ऋणात्मक मूल्यांकन पर लगाई जाए रोक

आदिवासी छात्र संगठन ने सौंपा ज्ञापन


बैतूल। आदिवासी छात्र संगठन बैतूल के द्वारा मप्र कर्मचारी मंडल द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन को ना कराने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस संबंध में संघ के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार धुर्वे ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक  (विषय शिक्षक), प्राथमिक शिक्षक तथा जनजाति कार्य विभाग के तहत पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है जिसकी विज्ञप्ति जारी हुई है। जितेन्द्र सिंह इवने ने बताया कि परीक्षा में पहली बार ऋणात्मक पद्धति का प्रावधान किया गया है साथ ही 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता भी दी गई है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे युजीसी नेट, एमपी सेट आदि में ऋणात्मक पद्धति का प्रावधान नहीं होता है। इसे देखते हुए ज्ञापन में ऋणात्मक प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपते समय संघ के श्यामलाल सेलकर, राहुल उइके, अविनाश नर्रे, यशवंत उइके, सतीश चिल्हाटे, नरेन्द्र पंदाम, गोपाल धुर्वे, संतोष सलामें, रत्नेश सिरसाम, पंकेश सलाम, मनराज वटके सहित संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

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